अदरक की खेती (Adrak Ki Kheti) करने से होगी लाखों की कमाई, जानिए कैसे

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अदरक की खेती
अदरक की खेती

अदरक शब्द संस्कृत भाषा के शब्द ‘स्ट्रिंगावेरा ” से बना है. स्ट्रिंगावेरा का अर्थ है बारहा सिंधा जैसे शरीर वाली वस्तु. भारत में स्द्रक की खेती (Adrak Ki Kheti) कईं सदियों से की जा रही है. यदि आप भी खेतीबाड़ी के जरिये मालामाल होने की सोच रहे हैं तो अदरक की खेती आपके सबसे बढ़िया विकल्प है. मूल रूप से अदरक की उत्पत्ति भारत के दक्षिण और पूर्वी इलाकों और चीन में की जाती है. अदरक को पिछले कईं सालों से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. आज के इस लेख में हम आपको अदरक (Adrak Ki Kheti) करने के विषय में संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं.

अदरक की खेती (Adrak Ki Kheti) के लिए जलवायु

अदरक की खेती आम तौर पर गर्म एवं आर्द्रता वाली जगहों पर की जाती है. अदरक की अच्छी उपज के लिए माध्यम वर्षा भी अनिवार्य है. इसलिए इसकी खुदाई के एक महीने पहले सूखे मौसम की आवश्यकता होती है. जिन क्षेत्रों में 1500-1800 मिलीमीटर वर्षा होती है, वहां अदरक की खेती (Adrak Ki Kheti) की उपज अच्छी होती है. इसके लिए 25 से 35 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान अनुकूल रहता है.

अदरक की खेती (Adrak Ki Kheti) लिए भूमि

हर फसल की अच्छी उपज के लिए मिट्टी उसके लिए अहम भूमिका निभाती है. ऐसे में जिस मिट्टी में कार्बनिक अर्थात जीवांश की मात्रा अधिक हो, वह अदरक की खेती(Adrak Ki Kheti) के लिए सबसे उत्तम साबित हो सकती है. इसके लिए विशेषज्ञ दोमट मिट्टी में खेती करने की सलाह देते हैं. ऐसी मिट्टी का pH स्केल 6.5 से 7.5 के बीच का होता है.

अदरक की खेती (Adrak Ki Kheti) से कमाई

यदि आप खेतीबाड़ी में कम से कम निवेश में अधिक से अधिक रुपया कमाना चाहते हैं तो अदरक की खेती आपके लिए सही साबित होगी. एमपी के सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अदरक की खेती (Adrak Ki Kheti) से मात्र दो वर्षों में लाखों रुपए का मुनाफ़ा कमाया है. सिद्धार्थ ने कहा कि उन्होंने 55 हज़ार रुपए के इंवेस्टमेंट से इस खेती की शुरुआत की थी और आज उसका प्रॉफिट लाखों रुपए में हो रहा है.

अदरक (Adrak Ki Kheti) बोने का समय

अदरक की खेती करने के लिए अप्रैल और मई का महिना सबसे सही रहता है. आम तौर पर अदरक की बुनाई मई-जून के बीच की जाती है. बोने के लिए आप पहली वर्षा का इंतज़ार करें और वर्षा के ठीक बाद (Adrak Ki Kheti) शुरू कर दें इससे आपकी अदरक उपज अच्छी होगी.

अदरक (Adrak Ki Kheti) किस्में

अदरक की खेती
अदरक को उसके रंग-रूप, आकर, गाँठ और उचित रेशों के अनुसार विभिन्न किस्मों में विभाजित किया गया है. आम तौर पर इसकी तीन उत्तम किस्में होती है जिन्हें हर किसान उनकी जरूरत के अनुसार उगाता है.

  • सुप्रभा: अदरक की इस किस्म में फुटाव सबसे अधिक होता है. इसके प्रकन्द लंबे एवं अंडाकार सिरों वाले और चमकीले भूरे रंग के होते हैं. इस किस्म में रेशे की मात्रा 4.4 प्रतिशत तेल 1.9 प्रतिशत, ओलेरिओसिन 8.91 प्रतिशत होती है.
  • सुरुचि: यह प्रजाति अदरक की सबसे आची एवं अधिक पैदावार करती है. इसके प्रकंद पीले रंग के होते हैं जिनमे 3.8 प्रतिशत, तेल 2 प्रतिशत और ओलेरिओसिन 10% होता है.
  • सुरभि: अदरक की यह तीसरी ऐसी किस्म है जो सबसे उत्तम मानी गई है. इस किस्म को उत्परिवर्तन से बनाया गया है. यह अधिक पैदावार में सहायक है इसमें रेशा 4%, तेल 2.1% पाया जाता है

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