(Healthy Eyes)आँखों में विभिन्न प्रकार से होने वाली बीमारियाँ और उनकी देखभाल के उपाय

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आँखों की देखभाल

मनुष्यों में पाँच इंद्रियां हैं: देखने के लिए आँखें, स्वाद के लिए जीभ, किसी भी गंध को सुंगने के लिए नाक, सुनने के लिए कान और छूने के त्वचा. और इनमें से सबसे महत्वपूर्ण अंग हमारी आंखें हैं. हमारी दृष्टि के माध्यम से हम किसी भी अक्टिविटी को 80 प्रतिशत तक अनुभव करतें हैं, और अगर अन्य इंद्रियाँ जैसे स्वाद या गंध काम करना बंद कर लेते हैं, तो यह हमारी आँखें होती हैं जो हमें इस खतरे से बचातीं हैं. (Healthy Eyes) आँखों की देखभाल करना बहुत ज़रूरी है. यदि सही ढंग से इनकी देखभाल ना की जाए तो इनमें विकार पैदा हो सकतें हैं. आज कल के समय में कंप्यूटर, मोबाइल, आईपौड, स्मारटफोन की बढ़ती मांग से आँखों को बहुत नुकसान पहुँच रहा है. इसलिए इन सब चीज़ों से आँखों की देखभाल करना बहुत ज़रूरी है. आइए जानतें हैं आँखों में विभिन्न प्रकार से होने वाली बीमारियाँ और उनकी देखभाल के उपाय-

(Healthy Eyes) कंप्यूटर, आईपैड, स्मार्टफोन से होने वाली बीमारियाँ व उससे बचने के उपाय

1) कंप्यूटर के सामने लगातार कम करने से भी व्यक्ति में कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम के लक्षण पाए जातें हैं, इसलिए यदि कुछ सावधानियों का इस्तेमाल किया जाए और सही प्रकार से आँखों की देखभाल की जाए तो इस तरह की बीमारी से बचा जा सकता है.
2) जिस कमरे में कंप्यूटर रखा हो वहाँ उचित रोशनी होनी चाहिए, और व्यक्ति को उस प्रकाश के पीछे होना चाहिए ना की सामने. इस तरह से व्यक्ति आँखों में कंप्यूटर से होने वाली परेशानियों से बच सकता है.
3) जब भी कंप्यूटर के सामने कम कर रहें हों तो हर 20 मिनट के बाद आँखों को ब्रेक दें और थोड़ी देर के लिए कहीं दूर बैठें.
4) कंप्यूटर डिवाइस का कंट्रास्ट या ब्राइटनेस लेवल को सेट करें या एन्टीग्लेयर कवर और कंप्यूटर ग्लास फिट कराएं. इस तरह से भी आँखों को सुरक्षित रखा जा सकता है.
5) विटामिन ‘ए’ और विटामिन ‘के’ आहार आंखों के लिये बेहद जरूरी है. जैसे चुकंदर, गाजर, पत्तेदार सब्जियां, शलजम, चीकू, टमाटर, ब्रोकली, पपीता, रसदार फल, रेशेदार फलों का इस्तेमाल जरूर करें.

आँखों में काले घेरे होने के कारण व उसके उपाय

1) आँखों में काले घेरे होने का कारण बहुत कुछ हो सकतें हैं. जैसे की पूरी तरह से नींद ना लेना, लगातार तेज़ रोशनी में कम करना या बीमारी के कारण भी आँखों के नीचे काले घेरे हो सकते हैं. इसको ठीक करने का उपाए है जैतून के तेल से आँखों के आस पास मालिश करें.
2) भरपूर नींद लें, कम से कम आठ घंटे की नींद ज़रूर लेनी चाहिए.
3) इसके अलावा आंखों के नीचे एंटी रिंकल क्रीम भी लगा सकतें हैं. एंटी रिंकल क्रीम में कुछ मौजूद तत्व होतें हैं जैसे विटामिन सी और ग्रीन टी, जो आंखों के काले घेरे बनने से रोकने में लाभकारी है.

(Healthy Eyes) आँखों को ताज़ा रखने के उपाय

1) चाय की पत्ती के पानी को फ्रीजर में रखकर बर्फ बना लें, फिर रात को एक बार इस बर्फ को आंखों में रगड़ें. अगर बर्फ न भी बनायें तो बिल्कुल ठंडा पानी भी फ़्रीज़र में रखा हुआ इस्तेमाल कर सकतें हैं इससे कुछ ही मिनटों में आप तरोताज़ा महूसस करेंगें.
2) सोने से पहले आँखों में गुलाब जल को भी इस्तेमाल कर सकतें हैं, इससे आँखों में नमी बनी रहती है और आप तरो ताज़ा महसूस कर सकेंगें.

गर्मी से होने वाली आखों में बीमारियाँ और उसके उपाय

1) गर्मियों में तेज़ रोशनी व धूल मिट्टी से भी आँखों में काफ़ी बुरा प्रभाव पड़ता है इससे हमारी आँखों पे इंफेक्शन हो सकता है. गर्मी में बढ़ते तापमान से भी हमारी आंखों को नुकसान पहुंचता है, और ऐसे में आंखों की सुरक्षा के लिए सावधानियां बरतने की जरूरत है.
2) इस बीमारी से बचने का उपाए यह है कि दिन में कम से कम तीन चार बार ठंडे पानी से आँखें साफ करें, इससे आँखों की गंदगी बाहर निकलेगी. अत्यधिक ताप से आंखों को बचाने के लिए आपको हमेशा ऐसे सनग्लासेज का चुनाव करें जो यूवीए और यूवीबी रेडिएशन को रोकते हों.

आई बूगर्स व उसके उपाय

आई बूगर्स एक तरह की पपड़ी व चिपचिपा पदार्थ होता है उसे रिउम (कीचड़) भी कहा जाता है. यह एक तरह का पतला बलगम होता है जो हमारी आँख, कान, नाक और मुंह से निकलता है. रिउम, बलगम, त्वचा कोशिकाओं, तेल और धूल से बना होता है. आँखों से निकलने वाला रिउम, जो आई बूगर्स बनाता है, गोंद कहलाता है. इसे आई सैंड, आई गुंक, स्लीप डस्ट, स्लीप सैंड, स्लीप इन योर आईज, आई स्नूटर्स आदि नामों से भी जाना जाता है. आंख से निकलने वाले इस रिउम को ही आई बूगर्स कहा जाता है.

आंखों से तरल बहना आंसू बनाने वाली परत का काम होता है, जोकि नेत्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक घटक है. लेकिन यदि तरल ज्यादा हो, या अधिक चिपचिपा हो या फिर इसका रंग बदल रहा हो तो ये आंखों से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे में आंखों के ड़ॉक्टर से एक बार जांच जरूर करा लें.

(Healthy Eyes) हमारी आँखें ना केवल सबसे सुंदर मानी जातीं हैं बल्कि यह हमारे शरीर का सबसे संवेदी अंग भी मानी जातीं हैं. आँखें चेहरे की अभिव्यक्ति में महत्वपूर्ण योगदान करती हैं और अन्य लोगों के संपर्क में आने के लिए काम करती हैं, इसलिए वे संचार का एक अनिवार्य साधन है. इसलिए इनका पूर्ण तरह से ख़याल रखना बहुत ज़रूरी है. और हमरे द्वारा बताए गये उपायों से आप अपनी आँखों का पूरी तरह से व सही ढंग से ख्याल रख सकतें हैं.

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