किसके हाथों हुई थी भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु और क्या है श्री कृष्ण की मृत्यु के पीछे का राज़

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कृष्ण की मृत्यु

किसके हाथों हुई थी भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु? | Mystery Behind Lord Krishna Death

Mystery Behind Lord Krishna Death? परम पिता ब्रह्मा जी द्वारा यह विधान बनाया गया है की जो भी धरती पर जन्म लेगा उसकी मृत्यु होना निश्चित है. हिंदू ग्रंथों के अनुसार द्वापर युग में श्री कृष्ण ने जन्म लिया था. भगवान श्री कृष्ण को द्वापर युग में एक ज़रा नाम के शिकारी ने ग़लती से उनके पैर पर तीर मारकर उन्हें घायल कर दिया था जिसके तुरंत बाद कृष्ण की मृत्यु हो गई थी.

श्री कृष्ण की मृत्यु के पीछे छिपा हुआ कारण | Lord Krishna Death

किसके हाथों हुई थी भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु? प्रश्न यह खड़ा होता है कि श्री कृष्ण जो कि भगवान विष्णु जी के अवतार थे तो उस बहलिए ज़रा के द्वारा आख़िर क्यूँ मारे गए? उन्होने भगवान राम की तरह अपनी इच्छा के अनुसार अपने शरीर का त्याग क्यों नही किया? इस पृथ्वी पर बिना किसी कारण कभी कुछ नही होता इसलिए भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु के पीछे भी एक कारण था.

श्री कृष्ण की मृत्यु के पीछे छिपी हुई कहानी

दोस्तों यह कहानी उस समय की है जब भगवान राम अनुज लक्ष्मण के साथ देवी सीता की खोज करते हुए उनकी भेंट सुग्रीव से होती है. सुग्रीव भगवान राम से कहते हैं यदि भगवान राम सुग्रीव के बड़े भाई बाली को मारकर सुग्रीव का राज्य और उसकी पत्नी स्यग्रीव को वापिस हासिल करने में मदद क्रेंगे तो सुग्रीव अपनी पूरी सेना के साथ सीता माता की खोज में लग जाएगा. भगवान राम सुग्रीव की इस बात पर हामी भर देते हैं.

राम के द्वारा बाली की मृत्य

बाली को वरदान प्राप्त था की जो कोई भी व्यक्ति बाली के सामने उससे लड़ने के लिए आएगा उसकी आधी शक्ति बाली को मिल जाएगी और वह बाली के सम्मुख कमजोर पड़ जाएगा. अतः सुग्रीव ने भगवान राम जी से कहा की जब वह बाली से लड़ाई कर रहा होगा तब वह छुपकर बाली पर हमला करें. और सुग्रीव की बात को मानते हुए श्री राम ने छुपकर बाली पर तीर मार दिया जिससे बाली की मृत्यु हो गई. बाली की मृत्यु से तारा को बहुत दुःख पहुँचा और उसने क्रोध में श्री राम को श्राप दिया की अगले जन्म में उन्हें भी कोई ऐसे ही छुपकर तीर मारेगा और उसी से उनकी मृत्यु हो जाएगी.

और उसी श्राप के प्रकोप से श्री कृष्ण को ज़रा नाम के बहलिए का तीर लगा. श्री कृष्ण के पैर में एक निशान था जो की रात के समय में चमकता था और ज़रा बहलिया सिर्फ़ रात्रि के समय ही शिकार किया करता था. रात्रि की समय श्री कृष्ण एक पेड़ पर बैठ कर आराम कर रहे थे. जब ज़रा ने श्री कृष्ण के चमकते हुए निशान को देखा तो उसे लगा की यह किसी पक्षी की आँख है और उसने बिना कुछ सोचे समझे उस पर तीर चला दिया. तीर लगते ही श्री कृष्ण ने प्राण त्याग दिए और वह बैकुंठ लोक चले गये.

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