जानिए चमगादड़ के अशुभ लक्षण और चमगादड़ से होने वाली घातक बीमारी निपाह वायरस के बारे में

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चमगादड़

चमगादड़ का घर में आना मौत का संकेत | Chamgadar

चमगादड़ (Chamgadar) एक मात्र ऐसा स्तनधारी प्राणी है जो आकाश में उड़ सकता है. चमगादड़ पेड़ों और अँधेरी गुफाओं में रहते है. यह दिन के समय आराम करते है और रात को आकाश में उड़ते है. यह डालियों पर उलटे लटकते है ताकि वह आसानी से उड़ान भर सके. चमगादड़ अन्य पक्षियों की तरह जमीन से उड़ान नहीं भर सकते हैं. चमगादड़ को दो समूह में विभाजित किया गया है- फलभक्षक चमगादड़ और कीटभक्षक चमगादड़. फलभक्षक वो चमगादड़ (Chamgadar) होते है जो सूंघ और देख कर अपना भोजन तलाशते हैं, और कीटभक्षक चमगादड़ वो समूह होता है जो प्रतिध्वनि द्वारा स्थिति विधि के द्वारा अपना भोजन ढूंढते है.

चमगादड़ के अशुभ लक्षण

वास्तुशास्त्र के अनुसार अगर चमगादड़ (Chamgadar) आपके घर में घुस जाए तो वह अशुभ माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में इनको मौत का दूत माना जाता है. यदि चमगादड़ आपके घर में प्रवेश कर जाए तो घर के सदस्य पर खतरा मंडराने लगता है, परिवार का कोई न कोई सदस्य बीमार होने लगता है. कहा जाता है कि चमगादड़ का घर में आना मौत का संकेत होता है.
जब चमगादड़ घर में प्रवेश करता है तो उसके साथ बुरी शक्तियां और बुरी आत्माएं भी घर में आ जाती है. इस वजह से घर से सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और घर में नकारात्मक ऊर्जा पैदा होने लगती है. इस नकारात्मक ऊर्जा के कारण घर के लोगों में मन मुटाव होने लगता है और घर की परिस्थतियाँ बहुत ख़राब हो जाती है. घर में सुख – समृद्धि और धन की हानि होने लगती है. जिस घर में इनका वास होता है वह घर बहुत ही जल्द खाली होने लगता है. कुछ ही समय में घर एक सुनसान जगह में परिवर्तित हो जाता है. धीरे धीरे उस घर में चमगादड़ों का वास होने लगता है.

चमगादड़ से फ़ैल रहा है यह घातक वायरस

हाल ही में चमगादड़ (Chamgadar) से फ़ैल रहा है निपाह वायरस. केरल के कोझीकोट में चमगादड़ों द्वारा फ़ैल रही है यह घातक बीमारी. अभी तक इस वायरस के चपेट में 200 से अधिक लोग आ गए हैं इनमें से 14 लोगों की मौत हो गयी है.

क्या है निपाह वायरस (NiV) ?

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निपाह वायरस एक खतरनाक बीमारी है जो भी इंसान या जानवर इस की चपेट में आ जाता है उसकी मृत्यु हो जाती है. यह वायरस सुअरों, चमगादड़ों और बिल्ली से होता है. भारत में पहली बार निपाह वायरस सन 2001 में पश्चिम बंगाल में दर्ज किया गया था. इस वायरस ने 66 लोगों को अपने चपेट में ले लिया था. ठीक से इलाज न होने पर 45 लोगों की मौत हो गयी थी. इसके बाद दूसरा मामला 2007 में भी पश्चिम बंगाल के नदिया शहर में दर्ज लिया गया था. इस मामले में 5 लोगों की मौत हो गयी थी. तीसरा मामला केरल में देखने को मिला है. निपाह वायरस अब कर्नाटक और तेलंगाना में भी दर्ज किया गया है. भारत के कुछ राज्य जैसे बिहार, हरियाणा और सिक्किम में हाई अलर्ट जारी किया गया है.

निपाह वायरस से बचने के लिए बरतें यह सावधानियाँ

1.जिस जगह पर चमगादड़ (Chamgadar) और सुअरों का आना जाना होता है उस जगह पर बिलकुल भी नहीं जाना चाहिए.
2.पेड़ों से गिरे हुए फल जैसे खजूर और नारियल को न खाएं.
3.फलों को पानी से अच्छी तरह से धोएं.
4.जो इंसान निपाह वायरस की चपेट में हो उसके आस पास भी न जाए.
5.संक्रमित पशुओं और पक्षियों के संपर्क में आने से बचें.

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