3 कामों को करने में शर्म करोगे तो भूखा मरना पड़ेगा | बेशर्म बनो स्त्री हो या पुरुष… चाणक्य नीति

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चाणक्य नीति

चाणक्य नीति ( Chanakya Neeti )

चाणक्य नीति ( Chanakya Neeti ) जैसा कि आप सभी जानते हैं कि चाणक्या जैसा विद्वान पंडित इस धरती अभी तक अवतरित नहीं हुआ है और शायद होगा भी नही. जिनका नाम सुनते ही हमारे दिमाग़ में उनकी नीतियाँ घूमने लग जाती हैं जिन्होने पूरे विश्व को अपना बनाया चाणक्य जी जिस भी चीज़ का अनुमान लगाते थे वह सत्य सिद्ध हो जाता था. चाणक्य जी और उनकी नीतियों ( चाणक्य नीति ) के बारे में जितना भी बताया जाए वह कम ही होगा. भारत में ज्ञान और विद्वान की कमी नहीं है लेकिन कोई अपना ज्ञान बाँटना नहीं चाहता. आचार्य चाणक्य ऐसे विद्वान थे जो अपना ज्ञान बाँटकर लोगों को जागरूक करना चाहते थे. आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार किसी भी इंसान को इन 3 कार्यों को करते हुए शरमाना नहीं चाहिए.

उधार दिए धन को वापिस माँगते हुए कभी शर्म नहीं करनी चाहिए

जो व्यक्ति अपने द्वारा उधार दिए धन को वापिस माँगते हुए शरमाता है उसे धन की हानि का सामना करना पड़ता है. तथा धन को कमाने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए जब तक वह सही ढंग से कमाया जा सके. हमें सही रास्ते का चुनाव कर के ही धन कमाना चाहिए ग़लत रास्ते का चुनाव कर के हम दुर्भाग्य को अपने आप बुलावा दे देते हैं.

किसी भी व्यक्ति को कभी भी खाना खाने में शर्म नहीं करनी चाहिए

कभी-कभी कुछ लोग रिश्तेदारों या दोस्तों के घर या उनके सामने खाना खाते हुए खाने में शर्म करते हैं जिससे वह भूखे रह जाते हैं ऐसे व्यक्ति ध्यान में रखें ऐसा करने से वह परोक्ष रूप से अन्नपूर्णा माँ का अपमान करते हैं और निर्धनता को भी बुलावा देते हैं.

विद्यार्थी को कभी भी अपने गुरु से प्रश्न करते हुए शर्म नही करनी चाहिए

अच्छा विद्यार्थी वही होता है जो अपने गुरु से प्रश्न करने में कभी शर्म ना करता हो. शिक्षा प्राप्त करने में जो विद्यार्थी शर्म करता है वह मूर्ख रह जाता है.

आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार अपना स्वाभाव हमेशा अच्छा रखें और जितना हो सके उतना अपने गुस्से पर काबू रखने की कोशिश करें क्योंकि अधिक गुस्सा करने से शरीर को हानि पहुँचती है और तनाव बढ़ता है तथा उनके द्वारा बताई गई नीतियों का पालन जो मनुष्या अपने जीवन में करता है वह हमेशा सफलता को प्राप्त करता है.

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