पंचमुखी रुद्राक्ष: जानिए पंचमुखी रुद्राक्ष धारण विधि और कीमत

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पंचमुखी रुद्राक्ष
पंचमुखी रुद्राक्ष

पंचमुखी रुद्राक्ष: हिंदू धर्म में ग्रहों और नक्षत्रों को बेहद अहम माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में आने वाले बदलाव केवल ग्रहों और नक्षत्रों की चाल पर आधारित होते हैं. ऐसे में ज्योतिष विद्या में ऐसे कईं यंत्र शामिल किए गए हैं, जिन्हें धारण करने से इन ग्रहों से लाभ प्राप्त किया जा सकता है. इन्ही में से रुद्राक्ष भी एक ऐसा ही यंत्र है जिसकी डिमांड आजकल काफी बढ़ चुकी है. रुद्राक्ष भगवान शिव के हृदय के करीब बसने का एकमात्र जरिया है. यह रुद्राक्ष कईं तरह के हो सकते हैं, जिनमे से एक मुखी रुद्राक्ष, दो मुखी रुद्राक्ष और पंचमुखी रुद्राक्ष सबसे अहम माने गए हैं. कहा जाता है कि पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है. क्यूंकि इस पंचमुखी रुद्राक्ष में भगवान शिव की सभी शक्तियाँ समाहित होती हैं. इसलिए इस धरा के पंच तत्व और पांच पांडव रुद्राक्ष के देव माने गए हैं.

आज इस लेख में हम आपको पंचमुखी रुद्राक्ष धारण विधि और इसकी कीमत के बारे में बताएंगे. लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि पंचमुखी रुद्राक्ष की पहचान करना आपके लिए बहुत आवश्यक है. दरअसल, आज कल कुछ लालची लोग बाज़ार में नकली रुद्राक्ष को असली बना कर बेच रहे हैं. इसलिए इसको खरीदने से पहले एक बार अपने ज्योतिष या घर के किसी बड़े बजुर्ग की सलाह आवश्य ले लें.

पंचमुखी रुद्राक्ष धारण विधि

यदि आप पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहते हैं तो इसके लिए आप शिव पूजन का दिन चयन करें. रुद्राक्ष भगवान शिव के निकट रहने का एक जरिया है इसलिए इसे आप श्रावण महीने के किसी सोमवार को धारण कर सकते हैं. पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करने के लिए पूर्णिमा और शिवरात्रि का दिवस सबसे शुभ माना गया है. पंचमुखी रुद्राक्ष धारण विधि निम्नलिखित है-

  • पंचमुखी रुद्राक्ष को धारण करने के 7 दिन पहले आप इसे सरसों के तेल में डुबो कर रख दें. यदि आप इस रुद्राक्ष को बिना किसी पूजन के धारण करेंगे तो इससे आपको केवल वैज्ञानिक लाभ होंगे. इसलिए हमेशा पूर्ण विधि विधान से ही पंचमुखी रुद्राक्ष को धारण करें.
  • श्रावण महीने के सोमवार, शिवरात्रि या पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान कर लें. अब आप पंचमुखी रुद्राक्ष को दूध, शहद, दही, तुलसी और गंगाजल से स्नान करा कर इसका शुद्धिकर्ण कर लें. इसके बाद हवन की भभूती से रुद्राक्ष तिलक करें और इस मंत्र का जाप करें: “ॐ तत्पुरुषाय विदमहे महादेवाय धीमहि तन्नो रूद्र:”
  • मंत्र उचारण के बाद गले में पंचमुखी रुद्राक्ष धारण कर लें. यदि तिलक के लिए भभूती नहीं है तो आप कुमकुम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • धारण करने के पश्चात अब जब भी किसी शिव मंदिर जाएँ तो एक बार इस पंचमुखी रुद्राक्ष को शिवलिंग से स्पर्श जरुर करवाएं. इसके इलावा हो सके तो हर महीने में कम से कम दो बार आप रुद्राक्ष को पंचामृत और गंगाजल से स्नान करवाएं और पूजा करते समय दीये एवं धुप दिखाएं.

पंचमुखी रुद्राक्ष की कीमत

पंचमुखी रुद्राक्ष की 5mm की माला की कीमत 1000 से 2000 रुपए हो सकती है. रुद्राक्ष चुनते समय इसकी माला के दाने 54 या 108 बनाएं. पंचमुखी रुद्राक्ष की कीमत अलग अलग अलग जगहों पर विभिन्नता रख सकती है.

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