पत्थरचट्टा का पौधा है किडनी के लिए रामबाण, जानिए पत्थरचट्टा का चमत्कारी उपयोग

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पत्थरचट्टा का पौधा
पत्थरचट्टा का पौधा

पत्थरचट्टा का पौधा: इस धरती पर करोड़ों प्रकार के पौधे और जड़ी बूटियाँ पाई जाती है. लेकिन इनमे से आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आयुर्वेद में पौधों का राजा कहा गया है. यह पौधा कोई और नहीं बल्कि पत्थरचट्टा का पौधा है. इसे आम भाषा में पर्ण बीज भी कहा जाता है. लेकिन आयुर्वेद में इसे पाषाणभेद, पणपुट्टी आदि नामों से बुलाया जाता है. शरीर के लीवर और किडनी के लिए पत्थरचट्टा का पौधा किसी चमत्कारी औषधि से कम नहीं है. यह एक लोकप्रिय घरेलू पौधा है जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से होता है. इस लेख में हम आपको पत्थरचट्टा के उपयोग और लाभ बताने जा रहे हैं.

पत्थरचट्टा का पौधा

पत्थरचट्टा का पौधा मिरेकल लीफ, एयर प्लांट. लेफ ऑफ़ लाइफ आदि जैसे कईं नामों से जाना जाता है. लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि में इस पौधे को ब्रायोफिलम पिनाटा (Bryophyllum pinnatum) का नाम दिया गया है. पत्थरचट्टा का पौधा दिखने में लंबा, सीधा और बारह माही पौधा है. भारतीय लोग इस पौधे को अपने घरों में लगाना बेहद पसंद करते हैं. इसके पत्ते एवं जड़ को कईं प्रकार की बीमारियाँ दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इस पौधे की छाल मोटी, रसीली एवं चमकदार होती है.
वहीँ पत्थरचट्टा की हर शाखा में 6 से 7 पत्ते उगते हैं. इस पौधे की पत्तियां 5- 25 सेंटीमीटर लंबी जबकि 2 से 12 सेंटीमीटर चौड़ी होती हैं. पत्थरचट्टा का पौधा पिछले कईं सालों से आयुर्वेद में चिकित्सा पद्दति के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके फूल आम तौर पर बसंत ऋतु में फलते हैं. पत्थरचट्टा के फूलों का रंग हर, पीला और गुलाबी हो सकता है. पौधे का प्रजनन इसकी पत्तियों और बीज दोनों से ही हो सकता है.

पत्थरचट्टा का उपयोग

पत्थरचट्टा में कईं प्रकार के पौषक तत्व पाए जाते हैं. वहीँ इसका एंटी- वायरल गुण सूजन कम करने, घावों को ठीक करने और पत्थरी को हटाने में उपयोगी है. पत्थरचट्टा का उपयोग और फायदे निम्नलिखित हैं-

गुर्दें की पत्थरी में रामबाण

पत्थरचट्टा का पौधा गुर्दे की पथरी की समस्या को ठीक करने में सहायक है. पत्थरचट्टा के उपयोग और फायदों के चलते यह पित्त पत्थर को आसानी से ठीक कर सकता है. पत्थरी की समस्या के लिए आप पत्थरचट्टा का पौधा लें और उसे उबाल कर 40-50 मिलीलीटर काढ़ा तैयार कर लें अब दिन में दो बार इस काढ़े का सेवन आप 5 ग्राम शिलाजीत और शहद के साथ करें. इससे आपकी पत्थरी जल्दी ठीक हो जाएगी.

फोड़ों-फुंसियों को करे ठीक

पत्थरचट्टा एक ऐसा चमत्कारी पौधा है, जिसके इस्तेमाल से फोड़ों व फुंसियों को ठीक किया जा सकता है. इसके लिए आप पत्थरचट्टा के कुछ पत्ते तोड़ लें और इन्हें हल्का गर्म करने के बाद सुजन अर्थात फोड़े वाली जगह पर बाँध लें. इससे आपकी सुजन और दर्द दोनों ही गायब हो जाएंगे.

सिर दर्द में प्रभावी

जिन लोगों को सिर दर्द बना रहता है. उनके लिए पत्थरचट्टा के उपयोग काम आ सकते हैं. यह सिर दर्द जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए उत्तम माना गया है. इसके लिए आप पत्थरचट्टा की पत्तियां तोड़ कर उन्हें माथे पर चिपका दें. इससे आपको बहुत जल्द राहत मिलेगी.
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