प्याज की खेती (Pyaj ki Kheti) के लिए जरूरी जलवायु और भूमि से जुडी संपूर्ण जानकारी

0
152
प्याज की खेती
प्याज की खेती

प्याज एक महत्वपूर्ण सब्जी है जो कि गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में पाई जाती. आयुर्वेद ग्रंथ के अनुसार प्याज में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं जिसके कारण यह सेहत के लिए रामबाण साबित होता है. प्याज में भरपूर मात्रा में विटामिन पाए जाते हैं जो कि सामान्य मनुष्य के लिए अच्छी डाइट साबित हो सकते हैं. यह शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और रोगों से मुक्ति दिलाता है. प्याज के इन्हीं गुणों के चलते प्याज की खेती (Pyaj ki Kheti) साल में हर ऋतु में आसानी से की जा सकती है. यदि आप फार्मिंग में अपना करियर आजमाना चाहते हैं तो प्याज की खेती आपके लिए सबसे उत्तम साबित हो सकती है. प्याज की खेती के दो फायदे हैं एक तो यह कि इस खेती को आप कम इन्वेस्टमेंट में कर सकते हैं और दूसरा यह कि यह खेती करने में भी आसान होती है.
प्याज की खेती भारत के सभी भागों में की जाती है. गर्मियों में लू लगने से बचाने के लिए तथा गुर्दे की बीमारी से बचने के लिए तैयार सबसे उत्तम आयुर्वेदिक औषधि माना गया है. इस लेख में हम आपको प्याज की खेती (Pyaj ki Kheti) करने के लिए उत्तम जलवायु और भूमि के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके लिए मददगार साबित होगी.

प्याज की खेती (Pyaj ki Kheti) के लिए जलवायु

प्याज की खेती करने के लिए जलवायु बेहद अहम भूमिका निभाता है. यदि आप भी इसकी खेती (Pyaj ki Kheti) करने के इच्छुक हैं तो आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि इसकी खेती के लिए जलवायु ना तो बहुत गर्म होना चाहिए और ना ही अधिक ठंडा. इसकी खेती के लिए दोमट मिट्टी बेहद उपजाऊ मानी गई है क्योंकि इस मिट्टी में शिवांश खाद प्रचुर मात्रा में पाई जाती है साथ ही जल निकास के लिए भी इस मिट्टी में उत्तम व्यवस्था बनी रहती है. प्याज के अच्छे कंद बनने के लिए बड़े दिन काफी अच्छे माने गए हैं. अगर भूमि में गंदा की कमी हो तो आप प्याज की खेती करने से 15 दिन पहले इस में जिप्सम प्रति हेक्टेयर की दर से मिलाएं.

प्याज की खेती (Pyaj ki Kheti) के लिए खाद एवं उर्वरक

यदि आप प्याज की खेती (Pyaj ki Kheti) करना चाहते हैं तो सबसे पहले सड़ी हुई गोबर की खाद 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से भूमि में मिलाएं इसके साथ ही आप इसमें 100 किलो नत्रजन 50 किलो फास्फोरस एवं 100 किलो 50 प्रति हेक्टेयर की दर से मिलाएं. रुपाई इसे पहले नत्रजन की आधी मात्रा और फास्फोरस एवं पठार को खेत में डाले और बाकी शेष बची मात्रा को डेढ माह बाद फसल के साथ मिलाएं.

प्याज़ की खेती (Pyaj ki Kheti) में मृदा

प्याज की खेती कईं तरह की मृदाओं में की जा सकती है. इसकी खेती (Pyaj ki Kheti) के लिए दोमट मिट्टी को सबसे उत्तम माना गया है. इस मिट्टी का pH स्केल 6.5 से 7.5 तक होता है जोकि इसकी खेती के लिए सबसे सर्वोत्तम माना गया है. प्याज की खेती आप भूल से भी दलदली मिट्टी में ना करें. आपको बता दें कि प्याज की खेती के लिए एग्री फाउंड डार्क रेड, एन-53 और भीएमा सुपर सबसे उम्दा किस्में हैं. इन किस्मों की खेती से आप कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
यह भी जानें:- भिंडी की खेती

5 (100%) 3 votes

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here