मोटिवेशनल स्टोरी

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मोटिवेशनल स्टोरी

धोनी मोटिवेशनल स्टोरी

मोटिवेशनल स्टोरी से हमारी सोच पर सकारात्मक असर पड़ता हैं. यह कहानियाँ हमारे जीवन में परिवर्तन ला सकती हैं. हमारा जीवन सुख और दुःख दोनों का संगम है. कुछ लोग दुःख के आ जाने से काफ़ी परेशान हो जाते हैं. यहाँ तक की वह लोग जीने की इच्छा भी ख़त्म कर लेते हैं. हमारा जीवन विचारों से ही चलता हैं, कुछ लोग नकारात्मक सोच रखते हैं तो कुछ सकारात्मक सोच. यही कारण हैं सकारात्मक सोच रखने वाले लोग हर समस्या का समाधान निकाल लेते हैं और नकारात्मक सोच वाले लोग कभी सफल नही हो पाते. इसीलिए हमें अपनी नकारात्मक सोच बदलनी चाहिए.जीवन में काफ़ी समस्याएँ आती है लेकिन हम अगर प्रयास करते रहेंगे तो कभी भी असफल नही हो सकते.

असफलता एक चुनौती हैं – एम.एस. धोनी मोटिवेशनल स्टोरी

महेंद्र सिंह धोनी आज भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान है और भारत के सबसे सफल एक दिवसीय अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी भी है. धोनी ने काफ़ी प्रयासों के बाद ये सफलता पाई हैं. सफल बनने से पहले महेंद्र सिंह धोनी को काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा था. अगर धोनी की जगह कोई और होता तो जीवन में इतनी समस्याओं का सामना करने से पहले टूट जाता.धोनी की मोटिवेशनल स्टोरी!

मोटिवेशनल स्टोरी

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड के राँची में हुआ. उनके पिता का नाम पान सिंह धोनी और माता का नाम देवकी देवी हैं. धोनी के पिता एक कंपनी में काम करने थे. एम एस धोनी की एक बहन है और एक भाई भी हैं. धोनी को बचपन से ही खेलना बहुत पसंद था. पहले वो बैडमिंटन और फुटबॉल खेलते थे. धोनी फुटबॉल टीम में गोल कीपर थे. धोनी के फुटबॉल कोच ने ही धोनी को मोटीवेट किया और क्रिकेट ग्राउंड भेज दिया, जिसके बाद से उन्होने फ़ुटबॉल छोड़ कर अपना पूरा ध्यान क्रिकेट की तरफ मोड़ दिया. 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद धोनी ने टिकेट कलेक्टर की परीक्षा दी और वह सिलेक्ट हो गये. एम एस धोनी नौकरी के साथ क्रिकेट भी खेलते थे. लेकिन क्रिकेट में करियर बनाना धोनी के लिए आसान नही था, उन्हें काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. लेकिन उन्होने कभी हिम्मत नहीं हारी अपनी लगातार कोशिशों के बाद धोनी एक सफल कप्तान बने.

हम एम. एस. धोनी के जीवन से क्या सीख सकते हैं

धोनी एक शांत स्वाभाव के इंसान हैं जो हर परिस्थिति में शांत रहते हैं. चाहे जितनी भी बड़ी समस्या क्यों ना हो हमें शांत स्वाभाव से कार्य करना चाहिए. धोनी हर परिस्थिति में चाहे हार हो या जीत कभी भी गुस्सा नही करते हैं. हमें ये सोच अपने जीवन में अपनानी चाहिए. एम. एस. धोनी का आत्मविश्वास ही उनकी ताक़त है. हमें भी अपने सभी कार्यों को भरपूर आत्मविश्वास और शांत स्वाभाव के साथ करना चाहिये तभी हम हर काम को सफलतापूर्वक कर पाएँगे.

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