रुद्राक्ष पहनने के नियम, फायदे और कीमत

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रुद्राक्ष पहनने के नियम
रुद्राक्ष पहनने के नियम

रुद्राक्ष पहनने के नियम: रुद्राक्ष मनुष्य को भगवान शिव द्वारा दिया गया एक कीमती उपहार है जो हर मनुष्य को भगवान शिव के आशीर्वाद के रूप में मिलता है. ऐसी मान्यता है कि जब सालों पहले भगवान शिव ने त्रिपुर नामक एक असुर का वध करने के लिए महाघोर रुपी अघोर अस्त्र का चिंतन किया था, तो उनकी आँखों से आंसू बहने लगे थे. यह आंसू जब धरती पर गिरे तो इन्होने रुद्राक्ष का रूप धारण कर लिया. शायद इसी कारण आज भी रुद्राक्ष को शिव भगवान का प्रतिनिधित्व माना गया है. रुद्राक्ष पहनने से मनुष्य को कईं लाभ हैं लेकिन इसको धारण करने से पहले इसकी पहचान करना बेहद आवश्यक है. यह कईं रंगों में उपलब्ध है जैसे कि श्वेत अर्थात बादामी, लाल, पीला और काला. हर जाती के जातक को अलग अलग रंग पहनने की अनुमति दी गई है. लेकिन जो रुद्राक्ष कहीं से टूटा-फूटा हो या फिर कृत्रिम छिद्र से युक्त हो, ऐसा रुद्राक्ष धारण करने योग्य नहीं माना गया है.

रुद्राक्ष पहनने के नियम

  • ब्राह्मण को श्वेत यानि बादामी रंग का रुद्राक्ष पहनना चाहिए जबकि क्षत्रियों को लाल रंग का, वैश्यों को पीले रंग का तथा शूद्रों को काले रंग का रुद्राक्ष धारण करना चाहिए.
  • चने या बेर के आकर का रुद्राक्ष धारण करना सबसे उत्तम माना गया है.
  • सोमवार का दिन भगवान शिव का दिन होता है ऐसे में सोमवार को रुद्राक्ष धारण करने से जातक को अनेकों प्रकार के लाभ देखने को मिल सकते हैं.

रुद्राक्ष की पहचान

आज के समय में रुद्राक्ष किसी भी शहर या गाँव में आसानी से उपलब्ध है. लेकिन रुद्राक्ष धारण करने का फायदा तभी हो सकता है, जब आप असली रुद्राक्ष धारण करें. ऐसे में रुद्राक्ष की पहचान करना सबके लिए आवश्यक नियम है. रुद्राक्ष की पहचान आप नीचे दिए गए पॉइंट्स के अनुसार कर सकते हैं-

  • आज के इस मिलावटी दौर में बहुत से लालची दूकानदार नकली रुद्राक्ष पर केमिकल और रंगों का इस्तेमाल करके उसे असली रुद्राक्ष बता कर बेच देते हैं. लेकिन रुद्राक्ष की पहचान करने के लिए आप इसे कुछ घंटों तक पानी में उबाल कर रखें यदि इसका रंग नहीं निकलता तो समझिये आपका रुद्राक्ष असली है.
  • रुद्राक्ष को पानी में डुबाने का प्रयास करें यदि वह पानी में डूब जाता है तो वह नकली रुद्राक्ष माना जाएगा.
  • गहरा रंग ही असली रुद्राक्ष की पहचान है. ऐसे में यदि आपको हलके रंग का रुद्राक्ष मिले तो वह असली नहीं होगा.
  • रुद्राक्ष की पहचान करने के लिए आप इसे सुई से कुरेदने का प्रयास करें यदि उसमें से रेशा निकला तो वह असली होगा और यदि रेशा नहीं निकला तो वह नकली होगा.

रुद्राक्ष के फायदे

रुद्राक्ष भगवान शिव का ही अंश है ऐसे में यदि आप अपनी मनोकामनाएं पूरी करना चाहते हैं तो रुद्राक्ष के फायदे आपके लिए भगवान का आशीर्वाद साबित हो सकते हैं. इसके इलावा रुद्राक्ष धारण करने से हमारे मस्तिष्क का विकास होता है और तनाव दूर होता है. आज के समय में हर कोई तनाव से जूझ रहा है ऐसे में रुद्राक्ष मन की शांति प्रदान करने में सहायक है. एक शोध में पाया गया है कि जो लोग रुद्राक्ष धारण करते हैं, उन्हें हृदय से जुड़े रोग कभी नहीं घेर सकते. यह रक्तचाप को काबू में करता है और हृदय रोग के खतरे को कम करता है.

रुद्राक्ष के प्रकार

रुद्राक्ष कितने प्रकार के होते हैं, यह कह पाना बेहद कठिन है. लेकिन कुछ विशेषज्ञों के अनुसार रुद्राक्ष 14 मुखी, 21 मुखी या 38 मुखी हो सकते हैं. हालाँकि अभी तक केवल 21 मुखी तक ही रुद्राक्ष देखे गए हैं. 14 मुखी बेहद दुर्लभ रुद्राक्ष होते हैं और आसानी से नहीं मिलते. वहीँ 5 मुखी रुद्राक्ष, एक मुखी रुद्राक्ष, दो मुखी रुद्राक्ष आदि आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं.

रुद्राक्ष की कीमत

रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर चौदह मुखी तक होते हैं इसलिए इनके वज़न और माप के अनुसार इनकी कीमतों में भी भारी अंतर देखने को मिलता है. ज्योतिष शास्त्र में हर व्यक्ति को अलग अलग किस्म का रुद्राक्ष पहनने की सलाह दी जाती है. आम तौर पर इनकी कीमत 500 से 1000 रुपए से शुरू होती है लेकिन इनकी मालाएं काफी महंगी होती हैं.

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