“विविध भारती” की भूली बिसरी यादें…

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विविध-भारती

विविध भारती (Vividh Bharati)

विविध भारती एक ऐसा नाम है जिसे सुनते ही हमें 90 के दशक के कईं हिट प्रोग्राम और मधुर गानों की याद आ जाती है, इस चैनल को हम “देश की सुरीली धड़कन” के नाम से भी जानते हैं. वह भी एक समय था जब विविध भारती (Vividh Bharati) पूरे भारत की दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण तथा अभिन्न अंग था. उस समय विविध भारती का नशा लोगों के सिर चढ़ कर बोलता था. लोग सुबह से ही बेसब्री के साथ अपने-अपने पसंदीदा कार्यक्रमों का इंतज़ार करते थे, उस बेताबी के आलम की बात ही कुछ और थी. उस इंतज़ार में भी ग़ज़ब का मज़ा था. उस वक़्त विविध भारती देश का सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया था.

आकाशवाणी की महत्वपूर्ण पहल

विविध भारती रेडियो चैनल “आकाशवाणी” की एक प्रमुख सेवा है. भारत में आज भी यह सबसे ज़्यादा सुने जाने वाली लोकप्रिय सेवा है. आकाशवाणी ने 3 अक्तूबर 1957 को अपने श्रोताओं के लिए विविध भारती का पहला प्रसारण किया था. शुरुआत में इसका प्रसारण भारत में सिर्फ़ दो केंद्रों मद्रास तथा बंबई से होता था, परंतु इसकी लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही आकाशवाणी के सभी केंद्र इसका प्रसारण करने लगे. यह पूरे भारत में हमेशा से सभी हिन्दी भाषियों का लोकप्रिय प्रसारण रहा है. जब दूरदर्शन भारत में आया तब भी विविध भारती लोकप्रियता की दौड़ में सबसे आगे था और आज भी यह अखिल भारत में प्रसारित होने वाला सबसे लोकप्रिय चैनल बना हुआ है. चैनल द्वारा चलाए गये बहुत से कार्यक्रम अत्यधिक लोकप्रिय हुए और वह कार्यक्रम आज भी प्रसारित हो रहे हैं.

विविध भारती को करीब से जानने के लिए देखिये ये वीडियो

जयमाला

जयमाला इस चैनल का सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम रहा है. जयमाला कार्यक्रम में फ़ौजियों की फरमाइश पर गाने सुनाए जाते हैं. रविवार को इस कार्यक्रम को बॉलीवुड का कोई भी अभिनेता या अभिनेत्री इस कार्यक्रम की प्रस्तुति देता है और फ़ौजी भाइयों से अपने विचारों को साझा करते हैं तथा उनका हौसला बढ़ाते हैं.

हवामहल

हवामहल एक नाटकीय कार्यक्रम है जिसमें झलकियाँ प्रस्तुत की जाती हैं. पिछले दौर में अमरीश पुरी, ओम पुरी, असरानी और दीना पाठक जैसे दिगगज़ कलाकार इसमें अपनी कईं प्रस्तुति दे चुके हैं. जिन्हें लोगों ने काफ़ी सराहा और प्यार दिया.

पिटारा

सन 1996 में विविध भारती से मनोरंजन का एक नया दौर आरंभ हुआ और इसे ‘पिटारा’ का नाम दिया गया. इसका नाम पिटयरा कई मायनों में बिल्कुल सही था क्योंकि यह सूचना और मनोरंजन का एक संपूर्ण पिटारा था. पिटारा कार्यक्रम में रोज़ अलग अलग कार्यक्रम होते हैं. जैसे फोन पर फरमाईशों पर आधारित कार्यक्रम “हैलो फरमाईश”, फिल्मी सितारों से मुलाक़ात का कार्यक्रम ’सेल्युलाइड के सितारे’, संगीत की दुनिया की हस्तियों से जुड़ा कार्यक्रम ‘सरगम के सितारे’ और युवाओं का कार्यक्रम ‘यूथ एक्सप्रेस’ तथा डॉक्टरों से बातचीत पर आधारित कार्यक्रम सेहतनामा भी बहुत प्रचलित है. इसके अलावा सखी-सहेली, मंथन, उजाले उनकी यादों के, संगीत-सरिता आदि विविध भारती के लोकप्रिय कार्यक्रम रहे हैं. विविध भारती अपने श्रोताओं के दिल में हमेशा जगह बनाए रखेगा.

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