अगर आप एक दिन में तीन से ज़्यादा सेल्फीज़ लेते हैं, तो आप खतरे में हैं | अधिक जानने के लिए यह ज़रूर पढ़ें |

0
797
सेल्फी की बीमारी

अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन ने दावा किया है कि सेल्फीज़ लेना एक दिमागी बीमारी है. इस बीमारी को “सेल्फीटिस” नाम दिया गया है. इस बीमारी (सेल्फी की बीमारी )के तीन पड़ाव हैं: बॉर्डरलाइन, एक्यूट और क्रोनिक. यदि आप रोज़ाना एक से तीन सेल्फीज़ खींचते हैं, तो आपको बॉर्डरलाइन सेल्फीटिस है. यदि आप रोज़ाना तीन से छह सेल्फीज़ खींचते हैं, तो आपको एक्यूट सेल्फीटिस है. पर अगर आप हर रोज़ छह से ज़्यादा सेल्फीज़ खींचते हैं, तो आपको क्रोनिक सेल्फीटिस है.

कौन है वो इंग्लैंड का लड़का जिसे क्रोनिक सेल्फीटिस है

उन्नीस वर्षीय डैनी बोमैन इंग्लैंड का रहने वाला वह लड़का है जिसे इतनी कम उम्र में क्रोनिक सेल्फीटिस हो गया है. यह लड़का हर रोज़ अपने iPhone पर औसतन 10 घंटे में 200 सेल्फीज़ लेता था. एक दिन जब वह अच्छी सेल्फीज़ ना ले पाया, तो उसने खुदखुशी करने का प्रयास तक कर डाला. लेकिन समय रहते उसकी माँ पैनी ने उसे बचा लिया .उस दिन से डैनी का उपचार चल रहा है. उसका कहना है – “मैं हमेशा अच्छे से अच्छी सेल्फी लेना चाहता था. जब ऐसा न हो पाता था, मेरी मरने की इच्छा होती थी. मैं अपने स्कूल को मिस करके टॉयलेट में कई घंटो तक सेल्फी लेता रहता था. मैंने इसी चक्कर में सारे दोस्त खो दिए, मेरी पढाई बीच में छूट गयी और सेहत बिगड़ गयी.” 16 साल की उम्र में डैनी ने स्कूल जाना छोड़ दिया ताकि वह घर पर रह कर सेल्फीज़ ले सके.

डैनी बोमैन के Selfie Addiction के बारे मैं क्या है डॉक्टर्स का कहना

डैनी बोमैन के डॉक्टर्स का कहना है की डैनी अकेला नहीं है जिसे ऐसी बिमारी है. सोशल मीडिया पर अच्छी से अच्छी सेल्फीज़ डालने के लिए लोग अपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं. उनका कहना है की इस बिमारी का सुसाइड रेट बहुत ज़्यादा है. पिछले पांच सालों में आम नागरिक, कलाकार और राजनेताओं में सेल्फी लेने का चाल चलन उफान पर है जिसके चलते ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं.

Selfie Addiction से बचने के लिए क्या करें

इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए आप सेल्फीज़ लेना कम करें. रात को सोते समय अपना फ़ोन बंद रखें या उसे दूर रखें ताकि नींद खुलने पर आप फ़ोन का इस्तेमाल न करें. रोज़ व्यायाम करने से भी इस बीमारी से बचा जा सकता है. हमारी गुज़ारिश है की आप इस बीमारी के बारे में अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बताएं और इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें. आपका एक शेयर किसी की जान बचा सकता है.

Rate this post

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here