Home रहस्य आज हम उठाएँगे भानगढ़ के किले के रहस्य से पर्दा

आज हम उठाएँगे भानगढ़ के किले के रहस्य से पर्दा

174
0
SHARE
bhangarh ka kila
Bhangarh ka Kila
आज हम उठाएँगे भानगढ़ के किले के रहस्य से पर्दा
5 (100%) 1 vote

Bhangarh ka kila – भानगढ़ का किला राजस्थान के अलवर ज़िले में स्थित है। भानगढ़ चारों दिशाओं में पहाड़ों से सुरक्षित है। इस किले में बहुत- से मंदिर भी हैं, जैसे कि भगवान सोमेश्वर , गोपीनाथ , मंगला देवी आदि। सोमेश्वर मंदिर के साथ एक बावड़ी हैं। जिसमें गावों के लोग अभी भी स्नान करते हैं। भानगढ़ किले की राजकुमारी बेहद खूबसूरत थी। उसकी खूबसूरती के चर्चे पूरे भारतवर्ष में थे। दूर-दूर से उसे राजकुमारों के रिश्ते आते थे। हर राजकुमार राजकुमारी से विवाह करना चाहता था।

एक दिन राजकुमारी अपनी सहेलियों के साथ बाज़ार निकली। बाजार में एक सेवड़ा नाम का तांत्रिक खड़ा था, वह तांत्रिक उसी राज्य में रहता था। जैसे ही उसने राजकुमारी को देखा उस तांत्रिक का दिल राजकुमारी पर आ गया। वह तांत्रिक राजकुमारी से बेहद प्यार करता था। वह उसे किसी भी कीमत पर हासिल करना चाहता था। तांत्रिक, राजकुमारी को बहुत देर तक देखता रहा। वह काला जादू करना जानता था। राजकुमारी इत्र की बोतल लेने के लिए दुकान में खड़ी थी वह इत्रों को पसंद करके उनकी खुशबू सूंघ रही थी। राजकुमारी को अपने वश में करने के लिए तांत्रिक ने राजकुमारी के हाथ में ली गयी इत्र की बोतल पर काला जादू कर दिया।

Bhangarh ka kila – आख़िर भानगढ़ का किला क्यों बन गया शमशान…

दुकान में खड़े एक भले व्यक्ति ने राजकुमारी को सब सच बता दिया। राजकुमारी ने दुकान से निकलते ही उस इत्र की बोतल को एक पत्थर पर पटक दिया। वह बोतल टूट गयी और सारा इत्र जमीन पर बिखर गया। उसके बाद वह पत्थर उस सेवड़ा नाम के तांत्रिक के पीछे चल पड़ा और तांत्रिक को कुचल दिया जिसके कारण तांत्रिक की मौत हो गयी। परन्तु तांत्रिक ने मरने से पहले भानगढ़ को एक श्राप दिया कि किले में रहने वाले सभी लोग जल्दी ही मारे जायेंगे और कोई भी नया शिशु किले में कभी जन्म नहीं ले पाएगा तथा किले में रहने वाले सभी लोगों का वंश ख़त्म हो जाएगा कभी भी जन्म नहीं ले पाएंगे। सारी उम्र उनकी आत्माएं उस किले में भटकती रहेंगी।

तांत्रिक के मरने के कुछ समय बाद भानगढ़ और अजबगढ़ के बीच भयानक युद्ध हुआ। जिसका परिणाम यह निकला की किले के सारे लोग मारे गए। यहां तक की राजकुमारी भी उस श्राप से नहीं बच पायी। वह भी मारी गयी। एक ही किले में इतने सरे लोगो की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी आत्माएं और उनकी चींखों की आवाजें आज भी उस किले में गूँजती हैं।

Bhangarh ka kila – यह शहर प्राचीन काल का ऐतिहासीक स्थल है। इस किले की देखभाल सरकार द्वारा की जाती है। भारत सरकार ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भानगढ़ के तहत सख्ती से हिदायत दी है कि सूर्योदय से पहले तथा सूर्यास्त के पश्चात किले में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। किले के अंदर कोई भी व्यक्ति सूर्यास्त के पश्चात प्रवेश नहीं करता। जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया है कि इस किले में बहुत से देवी-देवताओं के मंदिर भी हैं। जिसमें भगवान सोमेश्वर ,गोपीनाथ ,मंगला देवी और केशव राय प्रमुख धर्मस्थल हैं।

इन मंदिरो की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह मंदिर किले में अभी भी सुरक्षित हैं। जबकि पूरा भानगढ़ का किला और उसके चारों तरफ सब कुछ तबाह हो चुका है। कुछ मंदिरो से मूर्तियाँ तक भी गायब हो चुकी हैं। भानगढ़ के सोमेश्वर महादेव मंदिर में पंडितों के सबसे पुराने वंशज आज भी पूजा करने के लिए आते हैं। अगर आप भानगढ़ किले से जुड़ी किसी भी प्रकार की कोई जानकारी जानना चाहते हैं तो आप उन पंडितों से सोमवार के दिन मिलकर भानगढ़ की कहानी सुन सकते है।

LEAVE A REPLY