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हॉन्टेड भानगढ़ किले का राज जानकर होने लगेगी आपके शरीर में थरथराहट

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Haunted Bhangarh Fort
Haunted Bhangarh Fort
हॉन्टेड भानगढ़ किले का राज जानकर होने लगेगी आपके शरीर में थरथराहट
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आख़िर क्या है हॉन्टेड भानगढ़ किले का सच जानिए भानगढ़ किले का राज | Haunted Bhangarh Fort Stroy

आख़िर भानगढ़ किले में ऐसा क्या है जो रात के समय में हो जाता है यह किला और भी भयानक हालाँकि वहां होने वाली घटनाओं पे से अभी तक पर्दा नहीं उठ पाया है. लेकिन वहां के स्थानीय लोगों की कहानियाँ यह तो साबित करती हैं की भानगढ़ किले मे कुछ तो राज छुपा है जो इसे रहस्यमयी बनाता है (Haunted Bhangarh Fort).
भारत मे वैसे ऐसी तो बहुत सी जगह हैं जहां कहा जाता है की वहां आत्माओ का वास है. लेकिन भानगढ़ किले का रहस्य कोई भी नहीं सुलझा पाया है. यहां तक भारतीय विज्ञानिकों का भी यही कहना है की भानगढ़ किला कोई आम किला नहीं है इसमें बहुत से रहस्य दफन हैं.

भानगढ़ किले में प्रवेश है वर्जित जानिए कारण | Haunted Bhangarh Fort

भानगढ़ किला आमेर के राजा भगवत सिंह ने बनवाया था. भानगढ़ किला बसने के बाद ३०० साल तक आबाद रहा. कहा जाता है की भानगढ़ किले की राजकुमारी बेहद खुबसूरत थी. उनकी खुबसुरती के चरचे पुरे भारत मे थे. यही कारण था की उन्हें बहुत से राजकुमारों के रिश्ते आ रहे थे.
लेकिन एक दिन एक काला जादू करने वाले तांत्रिक की दृष्टि राजकुमारी पर पड़ी और उसका मन राजकुमारी पर आ गया. वह तांत्रिक राजकुमारी के प्यार में पागल था. इसलिए उस तांत्रिक ने राजकुमारी को वश मे करने के लिए काला जादू किया. जिसका असर उस तांत्रिक पर उल्टा पड़ गया और उस तांत्रिक की मृत्यु हो गयी. लकिन मरने से पहले तांत्रिक ने भानगढ़ को एक श्राप दिया. तांत्रिक के श्राप अनुसार भानगढ़ किला कभी बस नहीं सकता और जिस भी इंसान की मृत्यु इस किले में होगी उसकी रूह हमेशा इस किले में भटकती रहेगी और उसे कभी मुक्ति नहीं मिलेगी. यही कारण है आज भी उस तांत्रिक की आत्मा भानगढ़ किले में भटकती रहती है.

क्या तांत्रिक था भानगढ़ किले की तबाही का कारण | Haunted Bhangarh Fort in Rajasthan

तांत्रिक के श्राप के बाद ही भानगढ़ किले में तबाही दिखने लगी थी. कुछ दिन के पश्चात् भानगढ़ और अजबगढ़ के बीच युद्ध हुआ. युद्ध इतना भयानक था की किले में रहने वाले सारे लोग मारे गए. आज भी उन भानगढ़ वासियों की रूह इस किले में भटकती रहती है. तांत्रिक के श्राप के कारण आज भी उन लोगों की आत्माओं को शान्ति नहीं मिली पाई है.
राज्य सरकार ने भानगढ़ किले के बाहर एक चेतावनी बोर्ड लगा रखा है. जिसमें लिखा है – सूर्ये डूबने के पश्चात् और सूर्ये निकलने से पहले भानगढ़ किले में प्रवेश वर्जित है.

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