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क्या है वज़ह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल जाने की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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क्या है वज़ह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल जाने की
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इज़राइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत

जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइल पहुँचे तो वहाँ इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया. इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खुद एरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेने गये थे. उन्होनें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का ऐसा स्वागत किया जो सिर्फ़ अमेरिकी राष्ट्रपतियों और पोप के लिए किया जाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे की वजह

इज़राइल यात्रा, यह भारत के किसी भी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो इज़राइल की यात्रा पर निकलें हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे की यात्रा 4 से 6 जुलाई तक है. कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी यह यात्रा भारत और इज़राइल के बीच पिछले 25 सालों से जो कुटनीतिक संबंधों को और अच्छे बनाना है. कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री जी के इस दौरे की एक वजह ऐशिया के साथ विश्व राजनीति पर भी इसका असर होगा. भारत ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलीस्तीन से ज़्यादा महत्व इज़राइल को देगा और यही वजह प्रधानमंत्री ने फिलीस्तीन ना जा कर इज़राइल जा कर और ज़्यादा स्पष्ट कर दिया है.

इज़राइल देश के साथ अच्छे संबंध बनाने की वजह

इज़राइल देश का गठन 1948 में हुआ था और 1949 में संयुक्त राष्ट्र ने इस देश को मान्यता दी. और 1950 में भारत ने इस देश को एक स्वतंत्र देश की मान्यता दी थी. रक्षा, तकनीक, जल संशोधन, कृषि तकनीक इत्यादि में इज़राइल एक अग्रणी देश है. इसलिए इज़राइल देश से संबंध बनाना भारत के लिए बहुत लाभकारी है.

यहूदियों को अल्पसंख्यक का दर्जा

नरेंद्र मोदी बेंजामिन नेतन्याहू
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इज़राइल देश यहूदियों का देश है और चारों तरफ़ से मुस्लिम राष्ट्रों से घिरा हुआ है. यही नहीं इज़राइल देश इन मुस्लिम देशों से कई बार युद्ध भी कर चुका है. ऐसे में इज़राइल देश से दोस्ती का समझौता भारत और इज़राइल दोनों देशों के लिए अच्छा है. भारत में दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और केरल के इन शहरों में यहूदियों के अलग अलग समुदाय पाए जातें हैं. इसलिए भारत सरकार ने इन सभी करीब 6, 7 हज़ार यहूदियों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिलने की उम्मीद जताई है.

आईए जानतें है किस तरह इज़राइल देश का रक्षा क्षेत्र में सहयोग माना जाता है

अमेरिका और रूस के बाद इजराइल भारत देश का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है. इसीलिए इसे रक्षा तकनीक में दुनिया का सबसे अग्रणी देश माना जाता है. 2012 से लेकर 2016 तक भारत ने 41 प्रतिशत हथियार इज़राइल से खरीदे थे और यही नहीं एप्रिल 2017 में भी भारत और इज़राइल के बीच 12 हज़ार करोड़ का रक्षा सौदा हुआ था.

जानतें हैं कि किस तरह कृषि और जल प्रबंधन में इज़राइल देश का सहयोग है

इज़राइल देश कृषि तकनीक में काफ़ी आगे माना जाता है, और भारत एक कृषि प्रधान देश है. यही नहीं भारत की 60% से ज़्यादा आबादी कृषि पर ही निर्भर करती है. ऐसे में इज़राइल और भारत मिलकर 2015-18 के कृषि प्लान पर मिलकर कम भी कर रहें हैं. पहले भी इज़राइल की मदद से एक कृषि फार्म में भारत को 65% कम पानी खर्च कर के उपज 10 गुना मिली थी.

भारत और इज़राइल के बीच समझौते से पाकिस्तान की चिंता बड़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल जाने और भारत-इज़राइल के बीच समझौते से पाकिस्तान का तनाव बढ़ने लगा है. यही नहीं पाकिस्तान के अख़बार में भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते मज़बूत होने की चिंता भी जताई गई है. उनका मानना है कि भारत और इज़राइल के बीच इस तरह का समझौता पाकिस्तान के लिए अच्छा नहीं है. उनका यह भी मानना है की ये दोनों देश मिल कर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रच रहें हैं.

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