Home स्वास्थय ‘बवासीर’ का रामबाण इलाज़ और इसके लक्षण

‘बवासीर’ का रामबाण इलाज़ और इसके लक्षण

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Piles treatment in hindi
Image Source: ayurvedhealing.com
‘बवासीर’ का रामबाण इलाज़ और इसके लक्षण
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Piles treatment in hindi में हम आज आपको बवासीर से निपटने के कुछ घरेलू नुस्खे बताएँगे. बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में लोग बात करने में कतराते और शरमाते हैं. बवासीर बेहद तकलीफ़देह बीमारी है, बवासीर की पीड़ा असहनीय होती है.

बवासीर मुख्यतः दो प्रकार की होती है:
1. खूनी बवासीर (Internal Piles) 2. बादी बवासीर (External Piles)

1. खूनी बवासीर (Internal Piles):

खूनी बवासीर में मलाशय में सुर्ख मस्से होते हैं जिनसे खून निकलता है, इस बवासीर में व्यक्ति को असहनीय पीड़ा के साथ-साथ भयंकर तकलीफें भी होती हैं. व्यक्ति को बैठने से लेकर चलने-फिरने तक में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

2. बादी बवासीर (External Piles):

बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते हैं, इन काले मस्सों में अत्यधिक खुजली, सूजन और बेहद पीड़ा होती है.

Piles Symptoms

जब हम दिन में बहुत देर तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं, बिना किसी नियम को अपनाए कुछ भी खा लेते हैं जिनमें मसालों की मात्रा अधिक होती है, तथा तरल पदार्थों का कम सेवन करते हैं तो भी यह बीमारी हमें अपना शिकार बना लेती है. खोजकर्ताओं का मानना है कि नसों का कमजोर होना भी इसका एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है.

Piles Treatment in Hindi

Piles treatment in hindi में आज हम आपको बवासीर अर्थात पाइल्स से लड़ने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं और इन उपायों को अपनाकर आपको बवासीर की बीमारी से काफ़ी हद तक राहत मिलेगी.

1. धनिया के बीजों को एक गिलास में पूरी रात भीगा कर रखें सुबह उठकर पानी में से धनिया के बीजों को अलग कर लें तथा एक मुठ्ठी में मिस्री लेकर धनिया के पानी मिला लें और उसे अच्छे से मिक्स करें. जब मिस्री धनिए के पानी में अच्छे से घुल जाए तो उसे पी लें. इस प्रक्रिया को प्रतिदिन लगभग 1 महीने तक करते रहें. आपको जल्द ही इसका असर दिखाई देने लगेगा.

2. अपने भोजन में दही के सेवन को बढ़ा दें, दही का जितना अधिक उपयोग करेंगे आपको उतना ही लाभ होगा.

3. यदि आपके मस्सों से खून का स्राव अधिक होता है तो आप प्रातःकाल काले तिल, माखन और गुड का सेवन करें इससे खून के बहने में काफ़ी हद तक रोकथाम होती है.

4. प्रातःकाल में खाली पेट रोज मूली का सेवन करने से भी बवासीर की तकलीफ़ से राहत मिलती है.

5. कत्था पाउडर और नींबू के रस को मिलाकर उसके सेवन से भी काफ़ी राहत महसूस होती है.

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