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सट्टा मटका क्या है और क्या है इसको खेलने का तरीका?

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सात्त मटका,कल्याण मटका शुभ अंक, कल्याण ओपन मंगलवार
सट्टा मटका क्या है और क्या है इसको खेलने का तरीका?
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आप सभी ने सट्टा मटका (सात्त मटका) के बारे में तो सुना ही होगा, आइए आज आपको इसके बारे में पूर्ण जानकारी देते हैं जो कि आपको कोई नहीं दे सकता यहाँ तक की इंटरनेट पर भी इसकी विस्तरित जानकारी आपको नहीं मिल सकती.

सट्टा मटका (सात्त मटका) क्या है?

इसे आप एक तरह का खेल कह सकतें हैं लेकिन लोग इसे जुए की तरह खेलते हैं. ये 2 नंबर का काम गुप्त रूप से चलता है. और इसमें पुलिस, गेंग्सटर, चोर और समाज के भ्रष्ट लोग भी शामिल होतें हैं. इस खेल को अधिकतर लोग दीपावली, दशहरे जैसे उत्सव के समय में खेलतें हैं. इस खेल में अमीर से लेकर ग़रीब तक सभी तरह के लोग शामिल होतें हैं. लोग इस खेल को जीतने के लिए ओझा, तांत्रिक, पंडितों का भी इस्तेमाल करतें है. यही नहीं छोटे बच्चे और औरतें भी इसमें शामिल होतीं हैं. कई लोग इस खेल में कोटवर्ड का भी इस्तेमाल करतें हैं. जैसे आज बाराती कहाँ मिलेंगें, क्या खबर है इत्यादि.

आईए जानतें हैं सात्त मटका (मिलन मटका)को खेलने का तरीका, कि किस तरह से इन लॉटरियों के नंबर निकले जातें हैं

सात्त मटका में सबसे छोटी इकाई, किसी एक व्यक्ति के पास 1 से 100 के बीच, जिसमें 3 समय (सुबहा, दिन, शाम) लोग अंक सेलेक्ट कर के उसमें अपना पैसा लगातें हैं. ये खेल 2 तरह से खेला जाता है. जिसमें कई लोग किसी भी अंक का पहला नंबर छुपाते हैं, तो कई बाद का. जैसे कि इसमे कोई भी नंबर सेलेक्ट किया जाता है और फिर उसमें से पहेले अक्षर को छुपा दिया जाएगा और दूसरे अंक पर सट्टा लगाया जाता है और उसको कहतें हैं मुंडा (यानी की सिर मूंड़ना). अब मान लो किसी ने 03 नंबर सेलेक्ट किया है और ये 3 नंबर जिस जिस लाइन में आएगा उसका पहला अक्षर छुपा दिया जाएगा. जैसे कि ( 03, 23, 33, 43, 53, 63, 73, 83, 93) अब इस लाइन में से जिसका भी नंबर आता है तो उसे उसकी दी हुई राशि का 10 गुना पैसा मिलेगा.

कई लोग अगले अक्षर छुपाते हैं और पहले अंक पर सट्टा लगाया जाता है जिसे हरफ़ कहा जाता है. इसमें अगले या पिछले नंबर का हाफ लगाना उसे हरफ़ कहतें हैं. अब मान लो किसी ने 5 अंक सेलेक्ट किया है, अब जिस जिस लाइन में पहेले 5 आता हो या बाद में हो जैसे की (5, 55, 54). और यदि अनुरूप (कनफॉर्म) अंक निकला (जैसे 10, 5, 50, 99, 23, 88) तो उस दी हुई राशि का 70 प्रतिशत मुनाफ़ा भी मिलता है.

सात्त मटका छोटी इकाई से लेकर बड़ी इकाई तक किया जाता है. उदाहरण के तोर पर मुहल्ला, दोस्तों के बीच में इस खेल को खेलना इत्यादि. और ये इकाई कोई मुहल्ला, खंड, जिला, स्टेट, देश, विदेश हो सकतें है जो बतौर हेड ऑफीस बने होतें हैं. पहले इस खेल को मुँह ज़ुबानी खेला जाता था लेकिन अब ये सारा कंप्यूटर के द्वारा खेला जाता है. इस खेल का सारा प्लान जो हेड ऑफीस होगा वही तय करता है तथा उसी की सारी बातें मान्य होतीं हैं, बाकी सभी लोग उसे फॉलो करतें हैं.

सट्टा मटका के नुकसान

1. मिलन मटका का सबूत लिखित में कुछ नहीं होता. यह तो सिर्फ़ आपसी ताल मेल से खेला जाता है.
2. और आप दावा भी नहीं कर सकते की आप जीत ही जाओगे.
3. सट्टा लगाने वाला भी मुजरिम होता है और लगवाने वाला भी.
4. यदि आप भारी रकम जीत गये तो उसे अपने साथ ले जाना भारी रिस्क होता है कियुंकी चोर, बदमाश उस जगह से ही आपके पीछे लगा दिए जातें हैं. जिसमें जान से भी हाथ धोना पद सकता है.

आइए अब बात करतें हैं उन एजेंट्स कि जो सात्त मटका रिजल्ट बताते है

जहाँ जहाँ सात्त मटका खेला जाता है वहाँ पर कुछ व्यक्ति सेलेक्ट होतें है जिन्हें एजेंट कहा जाता है. इन एजेंट्स का कम लोगों से पैसा ले कर हार जीत का रिज़ल्ट बताना होता है. और जीतने वाले को उसकी राशि भी देनी होती है. लेकिन इस एजेंट्स पर विश्‍वास करना भी बहुत मुश्किल होता है. कियूकी ज़रूरी नहीं कि वो एजेंट सही हो.

जैसे कि मान लो 100 लोगों ने पैसा लगाया किसी एक एजेंट के पास.तो अब ज़रूरी नही कि उस एजेंट ने आपके दिए हुए पैसो पर नंबर लगाएँ हों. कियूकी अगर नंबर लगाया ही नहीं तो आपकी हार ही मानी जाएगी और वो सारा पैसा उस एजेंट की जेब में चला जाएगा, और आप फिर कुछ कर भी नहीं सकते. इस तरह के कई लोग खुद को इस खेल का एजेंट बतातें हैं और लोगों से पैसा लेते हैं. इस लिए यदि आप इस खेल में अपनी रूचि रखतें हैं तो आपको सतर्कता रखनी भी ज़रूरी है.

आइए अब जानते हैं की किस तरह से लोग सात्त मटका (मिलन मटका) के अंक निश्चित करतें हैं

कई लोग सपनों के आधार फल से भी सात्त मटका का नंबर लगातें हैं. यानी की सपने में जो दिख रहा है उन विषय वस्तु के नाम संज्ञा की आवाज़ को जोड़ कर अनुमानित अंक बनाना. उदाहरण के लिए मान लो किसी ने सपने में देखा कि उसके दाँत गिर गए. तो पहला अक्षर बना द से 2 और त का 3 इस तरह से नंबर बना 23.
अब जैसे पिछले समय में जो सट्टा निकला वो 80 है तो 80 में से 2 घटा दिए जाएँ तो आया 78 और यदि 80 में से 23 घटा दिए जाएँ तो आया 57. और इसी तरह यदि आपका नंबर कॉनफर्म हुआ तो आप 70 गुना मुनाफ़ा कमा सकोगे.

सात्त मटका सट्टा मटका गणित

दूसरा उदाहरण है कि कोई व्यक्ति सीडी पर चड़ा. आदमी से आ की आवाज़ आई तो हमने लिया आ का 8 अंक. और सीडी के सी से लिया 7 अंक यानी की आठ सात पर चड़ा ( पहला अंक बना 7+8= 15) और दूसरा अंक बना 78. इस तरह इसे अनुमानित अंक निकलना भी कहा जाता है.

ये सब कुछ लोगों की अपनी अपनी कॅल्क्युलेशन होती है. कई लोग इसी तरह साप्ताह के वारों पर भी सट्टा लगतें हैं. जैसे कि रविवार को 1 वार माना जाता है और शनिवार को 7 वार माना जाता है. तो यदि कोई भी अंक रविवार को लगतें हैं तो उसमें 1 अंक ज़रूर शामिल करेगें और यदि शनिवार को लगाया तो उसमें 7 अंक को ज़रूर शामिल करेंगें.

अब इसी तरह कई लोग अपने जन्म के जोड़े अक्षरों पर सट्टा लगाते हैं जिन्हें मूल अंक कहा जाता है इसमें सबसे छोटा अंक निकाला जाता है. आइए जानतें हैं कैसे.
मान लो किसी का जन्म हुआ 18-08-1987. तो अब इन अंको को जोड़ेगें और छोटे से छोटा अंक निकलेंगें.
18(1+8=9) 09(9) 1987(1+9+8+7=25)
9+9+25=43
तो इस तरह से हमारे पास जो अंक बना वो है 43.

इस तरह से लोग कई तरह के सट्टा लगातें है. क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों और क्रिकेट की टीम के उपर भी इस तरह के बहुत सारे उदाहरण हमें देखने को मिलते हैं.

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